Sunday, September 25, 2022
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Story of Struggle & Dignity ll Women Empowerment By Bharti Singh Chauhan

” जब मैं बड़ी होऊँगी तो इस दुनिया में रहने वाले ऐसे लोग जिनको मेरे सपोर्ट की जरूरत हैं उन लोगो की आगे होकर मदद करना चाहूंगी ” इस सोच और बदलाव के साथ भारती सिंह चौहान ने प्रवीणलता संस्थान की 2013 मे नींव रखी।

2012 में कॉरपोरेट जॉब के दौरान उनको स्ट्रीट लिविंग चिल्ड्रेन्स के साथ काम करने का मौका मिला और वही से भारती ने सोचा कि क्यो नही में बालिकाओं और महिलाओं के लिए एक मिशन की शुरुआत करू, जिसमे माहवारी और पीरियड्स के प्रति जागरूकता अभियान चलाएंगे।

करीब डेढ़ साल की रिसर्च और डेवलपमेंट के बाद प्रवीणलता संस्थान ने बम्बू और चारकोल की सहायता से कपड़े का एक ऐसा सेनिटरी पेड “ मेरा Pad ” बनाया जो हाइजीन और एन्टीबैक्टिरियल होने के साथ-साथ 120 बार उपयोग में लिया जा सकता है जो पर्यावरण के लिए भी ठीक है।

Spotless Dame ” के नाम चली इस मुहिम के अंतर्गत प्रवीणलता संस्थान ने 41 हजार महिलाओं को ट्रेनिंग दी है, करीब 3 लाख 50 हजार सैनिटरी पैड महिलाओं को मुफ्त में बांटे और इस मुहिम से करीब 245 टन से ज्यादा का वेस्ट बचाया।

शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्किल डेवलपमेंट के उद्देश्य साथ प्रवीणलता संस्थान लगातार समाज के लिए काम कर रही हैं।

“When I grow up, I would like to help those people living in this world who need my support in the future.” With this thinking and change, Bharti Singh Chauhan laid the foundation of Praveenlata Sansthan in 2013.

During her corporate job in 2012, she got an opportunity to work with Street Living Children’s and from there Bharti thought why not to start a mission for girls and womens, in which awareness campaigns about menstruation and periods will be run.

After about one and a half years of research and development, Praveenlata Sansthan, with the help of bamboo and charcoal, made a sanitary pad of cloth “Mera Pad” which can be used 120 times along with being hygienic and antibacterial, which is good for the environment.

Under this campaign named as ” Spotless Dame “, Praveenlata Sansthan has trained 41 thousand women, distributed about 3 lakh 50 thousand sanitary pads free of cost to women and saved more than 245 tonnes of waste through this campaign.

With the aim of education, health, safety and skill development, Praveenlata Sansthan is continuously working for the society.

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